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Why Narak Chaturdashi is celebrated?

Why narak chaturdashi is celebrated? The day is celebrated while worshipping Maha-Kali or Shakti and is believed that on this day Kali killed the wicked Raktavija. Also referred to as Narak-Chaturdashi, Kali Chaudas is a day to abolish laziness and evil which create hell in our life and shine a light on life.

नरक चतुर्दशी को क्या करें ?


🗓️ 3 नवंबर 2021, बुधवार


1️⃣🌹⤵️ ब्रह्म मुहूर्त में तेल मालिश


💦🌹 तेल मालिश और प्रात: 🏊‍♀️स्नान :


इस दिन तेल में लक्ष्मी और 🌊जल में गंगा निवास करती है ।


सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल- मालिश कर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से मनुष्य को 👺यमलोक का दर्शन नहीं होता और महापुण्य की प्राप्ति होती है ।


2️⃣🌹⤵️ : 👹नरक भय का नाश करने के लिए :


💦 स्नान से पूर्व गाय के खुर या तुलसी की मिट्टी, जो मिले, निम्न मंत्र पढ़कर सिर के चारों ओर तीन बार यह भावना करते हुए घुमायें 👇


- "मैं तुम्हें बार-बार मस्तक पर घुमा रहा हूँ, मेरे पाप, ताप एवं दु:ख- दारिद्रय का 🙏🏻नाश हो" और मस्तक से स्पर्श कराके बायीं ओर फेंक दें ⤵️


🪔मंत्र 👇


सितालोष्ठ समायुक्‍तं सकण्टकदलान्वितम्‌ ।

कर पाप…

🪔🏮🪔 दीपावाली टिप्स - 1️⃣



🏡 घर में सुख शांति और बरकत हेतु


📌 इस पोस्ट में विभिन्न टिप्स दी जा रही हैं, जिस साधक को जो टिप अनुकूल हो वह कर सकता है l


🏮🌴दीपावली के दिन सप्तधान्य उबटन (गेहूँ, जी, चावल, चना, मूँग, उड़द और तिल से बना मिश्रण) से 🏊‍♂️स्नान करने से पुण्य, 😊प्रसन्‍नता और आरेग्य की प्राप्ति होती है।


🏮🌴 दीप 🪔जलाकर तुलसी माता का पूजन करें, इससे धन का कभी अभाव नहीं होगा ।


🏮🌴 दीपावली के दिन नया 🧹झाडू खरीद कर लाएं । पूजा के कमरे में लगायें और उसे छुपाकर एक तरफ

रख दें | अगले दिन से उसका उपयोग करें | इससे दरिद्रता का नाश और लक्ष्मी जी का आगमन होता है ।


🏮🌴 सुबह, रात को बनाये काजल को घर के प्रत्येक 👨‍👩‍👦‍👦सदस्य, महत्त्वपूर्ण स्थानों, 🔥गैस के चूल्हे, अलमारी इत्यादि पर हल्का-सा लगा दें, विघ्न बाधायें दूर होकर ✨बरकत बनी रहती है।


🏮🌴 दिवाली के दिन 👫 पति-पत्नी सुबह लक्ष्मी- नारायण- विष्णु🛕 मंदिर जाएं और एक साथ लक्ष्मी- नारायण जी को वस्त्र अर्पण करने से कभी भी धन की कमी नहीं रहेगी और 🧒🏻👧🏻संतान दिन दूनी- रात चौगुनी उन्नति करेगी ।


🏮🌴 इस दिन 🌲 अशोक वृक्ष का पूजन करने तथा उसमें 🪔 घी का दिया जलाने से से धन-संपत्ति की वृद्धि होती है ।


🏮🌴अशोक और नीम के वृक्ष में रोगप्रतिकारक शक्ति होती है । प्रवेश द्वार के उपर नीम, आम, अशोक आदि के पत्ते को तोरण बाँधना मंगलकारी है।



🏮🌴 पूजा के स्थान पर 🦚मोरपंख रखने से लक्ष्मी प्राप्ति में मदद मिलती है ।


🏮🌴 इस दिन लौंग और इलायची को जलाकर राख कर दें, उससे फिर गुरुदेव की फोटों को तिलक करें, 💰लक्ष्मी प्राप्ति में मदद मिलती है, घर में बरकत होती है।


🏮🌴 थोड़ी खीर 🍚कटोरी में डाल के और 🥥नारियल लेकर के घूमना और मन में "लक्ष्मी नारायण का जप करना और खीर ऐसी जगह रखना जहाँ किसी का पैर ना लगे और उसे 🐮गायें और 🦅कौए आदि खा जायें, और नारियल अपने घर के 🚪मुख्य द्वार पर फोड़ देना और इसकी प्रसादी बाँटना | इससे घर में आनंद और सुख-शांति रहेगी ।


🏮🌴 दिवाली (प्रत्येक अमावस्या) पर 🔥 हवन जरूर करें। गाय के गोबर के कंडे पर 5- 5 आहुतियाँ डालते हैं, तो उस घर में सम्पदा व संवादिता की सम्भावना बढ़ जाती है । घी, गुड़, चंदनचूरा, देसी कपूर, गुगल, चावल, जौ और तिल ।


♦️ मंत्र : "स्थान देवताभ्यो नमः, ग्राम देवताभ्यो नमः, कुल देवताभ्यो नमः।"


फिर 2-4 आहुतियाँ लक्ष्मीजी के लिए - " ओम श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा।"


🏮🌴 दिवाली के दिन 💫पितरों को तर्पण करें ।


🏮🌴 स्वयं का 🏡घर लेना हो तो : दिवाली के दिन किसी भूखे को भोजन और गाय को गुड़ खिलायें । इसके

बाद प्रत्येक शुक्रवार को भूखे को भोजन और रविवार को गाय का गुड़।


🏮🌴 🟡 हल्दी का स्वस्तिक बनाकर उस पर एक तेल का व दूसरा घी का 🪔दीपक जलाना चाहिए तथा अक्षत, पुष्पादि से स्वस्तिक की पूजा करनी चाहिए । अपने कमरे, 🏢ऑफिस, 🏡घर, दुकान आदि स्थानों पर भी हल्दी की स्वस्तिक बनायें |


🪔2 घी और 🪔2 तेल के, इस प्रकार 4 दीपक चारों दिशाओं में जलाने चाहिए ।



🏮🌴 मुख्य 🚪द्वार पर दायीं और बायीं ओर गेहूँ की ढेरी बनाकर उस पर दो सरसों के तेल के दीपक जला दें। इससे सुख- शांति बनी रहती है | दीये🪔 रातभर जलते रहें ।


🏮🌴 मंदिर, तुलसी, बड़, पीपल, अशोक वृक्ष आदि में दीप दान करें ।


🏮🌴 चांदी की कटोरी में अगर कपूर 🔥जलाकर आरती करें तो 👨‍👩‍👧‍👦परिवार की रक्षा होती है ।


🏮🌴 हर अमावस्या (दिवाली को भी) पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाने से पितृ और देवता प्रसन्‍न होते हैं और अच्छी 👶🏻आत्माएं घर में जन्म लेती हैं ।


🏮🌴तुलसी में दीपदान से लक्ष्मीप्राप्ति होती हैं । लक्ष्मी जी को कभी तुलसी नहीं चढ़ाना, 🌷कमल चढ़ायें ।


🏮🌴 पूजन के लिए 13 या 26 दीपकों के बीच चौंमुखा 🪔दीपक जलायें । पूजा के बाद दीपकों को घर के मुख्य- मुख्य स्थानों पर रखें | चौमुखा दीपक 🌚 रातभर जले ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए ।


🏮🌴 दिवाली के दिन तांबे के लोटे में 💦जल और हल्दी डाल कर रखें ॥ पूजा के बाद पीले 🌻फ़ूल से इस जल का छिड़काव करें । बचा हुआ जल 🌱तुलसी में चढ़ा दें | इस क्रिया को रोज करने से घर की लक्ष्मी स्थिर हो जायेगी ।


🏮🌴 पूजन के समय एक कटोरी में कच्चा दूध, गंगा जल, कुमकुम, फुल्ले आदि डालकर उसमें 💰खजाना डाल दें (चाँदी के सिक्के) और सुबह उन्हें अपनी 🗳️तिजोरी में रख लें ।


♦️ दीपावली ✨पूजन के 🐚बाद शंख और डमरू बजाने से घर की दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मीजी का आगमन बना रहता है ।



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